#sampadakexpress शपथ ग्रहण के बाद जब पीएम मोदी, सीएम सम्राट चौधरी मंच पर थे उस दौरान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार भी वहीं थे. पीएम से मिलते ही उन्होंने उनके कंधे पर हाथ रखा. इसके बाद हाथ मिलाया. पीएम मोदी ने भी नीतीश कुमार का अभिवादन किया. इसके बाद नीतीश कुमार ने बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मुलाकात पीएम से कराई.#bihar #nitishkumar #metpm #narendramodi #bihargovernment #swearingceremony #NewsUpdate #viralreels #viralvideostoday #trendingvideo #trendingtopic #trendingnews2024 #TRENDINGNEWSTODAY #reels2024

#sampadakexpress शपथ ग्रहण के बाद जब पीएम मोदी, सीएम सम्राट चौधरी मंच पर थे उस दौरान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार भी वहीं थे. पीएम से मिलते ही उन्होंने उनके कंधे पर हाथ रखा. इसके बाद हाथ मिलाया. पीएम मोदी ने भी नीतीश कुमार का अभिवादन किया. इसके बाद नीतीश कुमार ने बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मुलाकात पीएम से कराई.#bihar #nitishkumar #metpm #narendramodi #bihargovernment #swearingceremony #NewsUpdate #viralreels #viralvideostoday #trendingvideo #trendingtopic #trendingnews2024 #TRENDINGNEWSTODAY #reels2024
#sampadakexpress शपथ ग्रहण के बाद जब पीएम मोदी, सीएम सम्राट चौधरी मंच पर थे उस दौरान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार भी वहीं थे. पीएम से मिलते ही उन्होंने उनके कंधे पर हाथ रखा. इसके बाद हाथ मिलाया. पीएम मोदी ने भी नीतीश कुमार का अभिवादन किया. इसके बाद नीतीश कुमार ने बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मुलाकात पीएम से कराई.#bihar #nitishkumar #metpm #narendramodi #bihargovernment #swearingceremony #NewsUpdate #viralreels #viralvideostoday #trendingvideo #trendingtopic #trendingnews2024 #TRENDINGNEWSTODAY #reels2024

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#sampadakexpress सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को धर्म से जुड़ी याचिकाओं को लेकर एक अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर हर धार्मिक रीति-रिवाज को अदालत में चुनौती दी जाने लगेगी, तो मुकदमों की कभी न खत्म होने वाली झड़ी लग जाएगी. इससे देश के धर्म और सभ्यता की बुनियाद को खतरा पैदा हो सकता है. यह बात मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली नौ न्यायाधीशों की बेंच ने कही है. बेंच सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक आज़ादी (अनुच्छेद 25 व 26) से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी. जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि भारतीय समाज और संस्कृति में धर्म का गहरा असर है. अगर अदालतें बहुत ज़्यादा दखल देंगी, तो हर छोटे-बड़े रिवाज के खिलाफ याचिकाएं आने लगेंगी. जस्टिस सुंदरेश ने यह भी पूछा कि अदालतें इतने विविधताओं वाले देश में कितना हस्तक्षेप करें? कोर्ट ने कहा कि धार्मिक रिवाजों में बदलाव सबसे पहले उसी धर्म के लोगों के भीतर से आना चाहिए. जस्टिस नागरत्ना ने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति उसकी सहनशीलता (बहुलवाद) पर टिकी है. अदालत के लिए यह तय करना मुश्किल है कि धार्मिक प्रथाओं की जांच कहां तक की जाए.#SupremeCourt #warns #challenging #religiouscustom #internalreform  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को धर्म से जुड़ी याचिकाओं को लेकर एक अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर हर धार्मिक रीति-रिवाज को अदालत में चुनौती दी जाने लगेगी, तो मुकदमों की कभी न खत्म होने वाली झड़ी लग जाएगी. इससे देश के धर्म और सभ्यता की बुनियाद को खतरा पैदा हो सकता है. यह बात मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली नौ न्यायाधीशों की बेंच ने कही है. बेंच सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक आज़ादी (अनुच्छेद 25 व 26) से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी. जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि भारतीय समाज और संस्कृति में धर्म का गहरा असर है. अगर अदालतें बहुत ज़्यादा दखल देंगी, तो हर छोटे-बड़े रिवाज के खिलाफ याचिकाएं आने लगेंगी. जस्टिस सुंदरेश ने यह भी पूछा कि अदालतें इतने विविधताओं वाले देश में कितना हस्तक्षेप करें? कोर्ट ने कहा कि धार्मिक रिवाजों में बदलाव सबसे पहले उसी धर्म के लोगों के भीतर से आना चाहिए. जस्टिस नागरत्ना ने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति उसकी सहनशीलता (बहुलवाद) पर टिकी है. अदालत के लिए यह तय करना मुश्किल है कि धार्मिक प्रथाओं की जांच कहां तक की जाए.#SupremeCourt #warns #challenging #religiouscustom #internalreform #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
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#sampadakexpress प्रधानमंत्री 11 मई को एक बार फिर से गुजरात के सोमनाथ मंदिर की यात्रा पर जा रहे हैं. उन्होंने इसको लेकर एक लेख में जानकारी दी. पीएम मोदी ने लिखा कि 2026 की शुरुआत में, मैं सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए सोमनाथ गया था. ये सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हज़ार साल पूरे होने का अवसर था. पीएम मोदी ने कहा कि अब मैं 11 मई को फिर से सोमनाथ आऊंगा, ताकि उस घटना के 75 साल पूरे होने का जश्न मना सकूं जब भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस किले मंदिर का उद्घाटन किया था. पीएम मोदी ने बताया कि छह महीने से भी कम समय में सोमनाथ और उसके ‘विनाश से पुनर्निर्माण’ तक के सफर से जुड़े दो महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल होना मेरे लिए एक सौभाग्य की बात है. एक ऐसा सफर जिसे हम ‘विध्वंस’ से ‘सृजन’ तक का सफर कहते हैं. सोमनाथ हमें एक सभ्यतागत संदेश देता है. इसके सामने फैला विशाल समुद्र हमें कालजयी होने का एहसास कराता है. इसकी लहरें हमें यह बताती हैं कि तूफान चाहे कितने भी भयंकर क्यों न हों, या ज्वार-भाटा कितना भी उथल-पुथल भरा क्यों न हो, इंसान हमेशा गरिमा और शक्ति के साथ फिर से उठ खड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि ये लहरें बार-बार किनारे पर लौटकर आती हैं, मानो वे हर पीढ़ी को यह याद दिला रही हों कि लोगों की भावना को कभी भी लंबे समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता.#NarendraModi #somnathtemple #visit #75years #anniversary  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress प्रधानमंत्री 11 मई को एक बार फिर से गुजरात के सोमनाथ मंदिर की यात्रा पर जा रहे हैं. उन्होंने इसको लेकर एक लेख में जानकारी दी. पीएम मोदी ने लिखा कि 2026 की शुरुआत में, मैं सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए सोमनाथ गया था. ये सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हज़ार साल पूरे होने का अवसर था. पीएम मोदी ने कहा कि अब मैं 11 मई को फिर से सोमनाथ आऊंगा, ताकि उस घटना के 75 साल पूरे होने का जश्न मना सकूं जब भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस किले मंदिर का उद्घाटन किया था. पीएम मोदी ने बताया कि छह महीने से भी कम समय में सोमनाथ और उसके ‘विनाश से पुनर्निर्माण’ तक के सफर से जुड़े दो महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल होना मेरे लिए एक सौभाग्य की बात है. एक ऐसा सफर जिसे हम ‘विध्वंस’ से ‘सृजन’ तक का सफर कहते हैं. सोमनाथ हमें एक सभ्यतागत संदेश देता है. इसके सामने फैला विशाल समुद्र हमें कालजयी होने का एहसास कराता है. इसकी लहरें हमें यह बताती हैं कि तूफान चाहे कितने भी भयंकर क्यों न हों, या ज्वार-भाटा कितना भी उथल-पुथल भरा क्यों न हो, इंसान हमेशा गरिमा और शक्ति के साथ फिर से उठ खड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि ये लहरें बार-बार किनारे पर लौटकर आती हैं, मानो वे हर पीढ़ी को यह याद दिला रही हों कि लोगों की भावना को कभी भी लंबे समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता.#NarendraModi #somnathtemple #visit #75years #anniversary #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate