#sampadakexpress पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हैं. खासकर बंगाल और असम में कौन बाजी मारेगा इस पर देशभर की नजर है. इस बीच इस बीच ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के नेता रफीकुल इस्लाम का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वो चाहते हैं इस बाक असम में गैर बीजेपी की सरकार बनें. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए. इस्लाम ने घोषणा की कि अगर जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी असम में गैर-बीजेपी सरकार के गठन में सहयोग करेगी. उन्होंने कहा, ‘हम असम में बदलाव चाहते हैं; गैर- बीजेपी सरकार बननी चाहिए. अगर किसी को हमारे समर्थन की जरूरत है, तो हम पूरा सहयोग देंगे. हम गैर-बीजेपी सरकार के गठन में मदद करेंगे. हमें 10-12 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद है’.#AIUDF #rafiqulislam #assam #westbengal #election #ECI #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

#sampadakexpress पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हैं. खासकर बंगाल और असम में कौन बाजी मारेगा इस पर देशभर की नजर है. इस बीच इस बीच ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के नेता रफीकुल इस्लाम का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वो चाहते हैं इस बाक असम में गैर बीजेपी की सरकार बनें. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए. इस्लाम ने घोषणा की कि अगर जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी असम में गैर-बीजेपी सरकार के गठन में सहयोग करेगी. उन्होंने कहा, ‘हम असम में बदलाव चाहते हैं; गैर- बीजेपी सरकार बननी चाहिए. अगर किसी को हमारे समर्थन की जरूरत है, तो हम पूरा सहयोग देंगे. हम गैर-बीजेपी सरकार के गठन में मदद करेंगे. हमें 10-12 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद है’.#AIUDF #rafiqulislam #assam #westbengal #election #ECI #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हैं. खासकर बंगाल और असम में कौन बाजी मारेगा इस पर देशभर की नजर है. इस बीच इस बीच ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के नेता रफीकुल इस्लाम का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वो चाहते हैं इस बाक असम में गैर बीजेपी की सरकार बनें. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए. इस्लाम ने घोषणा की कि अगर जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी असम में गैर-बीजेपी सरकार के गठन में सहयोग करेगी. उन्होंने कहा, ‘हम असम में बदलाव चाहते हैं; गैर- बीजेपी सरकार बननी चाहिए. अगर किसी को हमारे समर्थन की जरूरत है, तो हम पूरा सहयोग देंगे. हम गैर-बीजेपी सरकार के गठन में मदद करेंगे. हमें 10-12 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद है’.#AIUDF #rafiqulislam #assam #westbengal #election #ECI  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

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#sampadakexpress पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक और प्रमुख सहयोगी को बेंगलुरु जेल में कट्टरपंथी बनाने के 2023 के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि बेंगलुरु की विशेष अदालत ने विक्रम कुमार उर्फ छोटा उस्मान को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. विक्रम इस मामले में दोषी ठहराए जाने और सजा पाने वाला आठवां आरोपी है. एनआईए की जांच में पता चला कि आरोपी विक्रम कुमार को बेंगलुरु जेल में बंद रहने के दौरान लश्कर सदस्य टी. नसीर और सह-आरोपी जुनैद अहमद द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया और अपने साथ शामिल किया गया था. दरअसल प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) आतंकवादी संगठन के एक अन्य प्रमुख आतंकवादी को एनआईए की विशेष अदालत ने 2023 के बेंगलुरु जेल में कट्टरपंथी बनाने के मामले में दोषी ठहराया और सजा सुनाई. बेंगलुरु की विशेष अदालत ने विक्रम कुमार उर्फ छोटा उस्मान को आईपीसी, यूए (पी) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सात साल के कठोर कारावास और 30,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है. #LeT #sevenyears #bengalurujail #radicalisation #niacourt  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक और प्रमुख सहयोगी को बेंगलुरु जेल में कट्टरपंथी बनाने के 2023 के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि बेंगलुरु की विशेष अदालत ने विक्रम कुमार उर्फ छोटा उस्मान को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. विक्रम इस मामले में दोषी ठहराए जाने और सजा पाने वाला आठवां आरोपी है. एनआईए की जांच में पता चला कि आरोपी विक्रम कुमार को बेंगलुरु जेल में बंद रहने के दौरान लश्कर सदस्य टी. नसीर और सह-आरोपी जुनैद अहमद द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया और अपने साथ शामिल किया गया था. दरअसल प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) आतंकवादी संगठन के एक अन्य प्रमुख आतंकवादी को एनआईए की विशेष अदालत ने 2023 के बेंगलुरु जेल में कट्टरपंथी बनाने के मामले में दोषी ठहराया और सजा सुनाई. बेंगलुरु की विशेष अदालत ने विक्रम कुमार उर्फ छोटा उस्मान को आईपीसी, यूए (पी) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सात साल के कठोर कारावास और 30,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है. #LeT #sevenyears #bengalurujail #radicalisation #niacourt #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate