#sampadakexpress तृणमूल कांग्रेस के एक और राज्यसभा सांसद का इस्तीफा हो गया है. अब प्रकाश चिक बाराइक ने ममता बनर्जी को झटका दिया है. अब तक तीन राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं. इससे पहले टीएमसी के दो राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं. आज प्रकाश चिक बाराइक के इस्तीफे के बाद टीएमसी के राज्यसभा में 10 सांसद रह जाएंगे. बता दें कि राज्यसभा में टीएमसी में 13 सांसद थे. सूत्रों के मुताबिक, आने वाले एक हफ्ते में टीएमसी के तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते है. टीएमसी लगातार बिखरती जा रही है. बारी-बारी से सब ममता को छोड़ते जा रहे हैं. बंगाल में सत्ता जाने के बाद से टीएमसी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है. जो कभी अपने थे, वो भी ‘दीदी’ का साथ छोड़ रहे हैं. सब एक के बाद बागी होते जा रहे हैं. पार्टी के अस्तित्व पर संकट आन पड़ी है. ममता के सामने पार्टी और संगठन बचाने की एक अजीब सी संकट पैदा हो गई है.#TMC #RajyaSabhaMP #PrakashChikBaraik #resigned #MamtaBanerjee #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

#sampadakexpress तृणमूल कांग्रेस के एक और राज्यसभा सांसद का इस्तीफा हो गया है. अब प्रकाश चिक बाराइक ने ममता बनर्जी को झटका दिया है. अब तक तीन राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं. इससे पहले टीएमसी के दो राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं. आज प्रकाश चिक बाराइक के इस्तीफे के बाद टीएमसी के राज्यसभा में 10 सांसद रह जाएंगे. बता दें कि राज्यसभा में टीएमसी में 13 सांसद थे. सूत्रों के मुताबिक, आने वाले एक हफ्ते में टीएमसी के तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते है. टीएमसी लगातार बिखरती जा रही है. बारी-बारी से सब ममता को छोड़ते जा रहे हैं. बंगाल में सत्ता जाने के बाद से टीएमसी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है. जो कभी अपने थे, वो भी ‘दीदी’ का साथ छोड़ रहे हैं. सब एक के बाद बागी होते जा रहे हैं. पार्टी के अस्तित्व पर संकट आन पड़ी है. ममता के सामने पार्टी और संगठन बचाने की एक अजीब सी संकट पैदा हो गई है.#TMC #RajyaSabhaMP #PrakashChikBaraik #resigned #MamtaBanerjee #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress तृणमूल कांग्रेस के एक और राज्यसभा सांसद का इस्तीफा हो गया है. अब प्रकाश चिक बाराइक ने ममता बनर्जी को झटका दिया है. अब तक तीन राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं. इससे पहले टीएमसी के दो राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं. आज प्रकाश चिक बाराइक के इस्तीफे के बाद टीएमसी के राज्यसभा में 10 सांसद रह जाएंगे. बता दें कि राज्यसभा में टीएमसी में 13 सांसद थे. सूत्रों के मुताबिक, आने वाले एक हफ्ते में टीएमसी के तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते है. टीएमसी लगातार बिखरती जा रही है. बारी-बारी से सब ममता को छोड़ते जा रहे हैं. बंगाल में सत्ता जाने के बाद से टीएमसी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है. जो कभी अपने थे, वो भी ‘दीदी’ का साथ छोड़ रहे हैं. सब एक के बाद बागी होते जा रहे हैं. पार्टी के अस्तित्व पर संकट आन पड़ी है. ममता के सामने पार्टी और संगठन बचाने की एक अजीब सी संकट पैदा हो गई है.#TMC #RajyaSabhaMP #PrakashChikBaraik #resigned #MamtaBanerjee  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

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#sampadakexpress राज्यसभा नामांकन रद्द मामले में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को आज राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि कल आइएगा, कल सुनवाई करेंगे. मीनाक्षी की याचिका को जस्टिस प्रशांत कुमार की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के समक्ष मेंशन किया गया. कांग्रेस नेता की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर के द्वारा नामांकन रद्द करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बेंच से कहा कि मामले पर तत्काल हस्तक्षेप कर निर्देश जारी करने की जरूरत है. उन्होंने आरपी एक्ट के सेक्शन 33A का हवाला दिया. वहीं, मुकुल रोहतगी ने रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से आपत्ति जताई. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी आदेश नहीं दिया. आज नामांकन प्रक्रिया की अंतिम तारीख है, जिसका हवाला भी सिंघवी ने दिया. सिंघवी ने कहा कि कोर्ट ने ना ही संज्ञान लिया है और ना ही आरोप तय किया है. जस्टिस प्रशांत कुमार ने कहा कि कानून स्पष्ट है और अशोक कुमार मामले में बहुत स्पष्टता है. कल आइएगा सुनवाई करेंगे. चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं मिलने पर नटराजन ने SC में रिट याचिका दायर की है.#MeenakshiNatarajan #Rajyasabha #nominationcancellation #SupremeCourt #MadhyaPradesh  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress राज्यसभा नामांकन रद्द मामले में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को आज राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि कल आइएगा, कल सुनवाई करेंगे. मीनाक्षी की याचिका को जस्टिस प्रशांत कुमार की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के समक्ष मेंशन किया गया. कांग्रेस नेता की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर के द्वारा नामांकन रद्द करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बेंच से कहा कि मामले पर तत्काल हस्तक्षेप कर निर्देश जारी करने की जरूरत है. उन्होंने आरपी एक्ट के सेक्शन 33A का हवाला दिया. वहीं, मुकुल रोहतगी ने रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से आपत्ति जताई. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी आदेश नहीं दिया. आज नामांकन प्रक्रिया की अंतिम तारीख है, जिसका हवाला भी सिंघवी ने दिया. सिंघवी ने कहा कि कोर्ट ने ना ही संज्ञान लिया है और ना ही आरोप तय किया है. जस्टिस प्रशांत कुमार ने कहा कि कानून स्पष्ट है और अशोक कुमार मामले में बहुत स्पष्टता है. कल आइएगा सुनवाई करेंगे. चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं मिलने पर नटराजन ने SC में रिट याचिका दायर की है.#MeenakshiNatarajan #Rajyasabha #nominationcancellation #SupremeCourt #MadhyaPradesh #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
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#sampadakexpress कहने को तो वक्त हर जख्म को भर देता है. मगर भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की कहानी इससे जुदा है…जातीय हिंसा भड़के हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, मगर वहां अभी भी हालात सुधरे नहीं हैं. वहां की फिजाओं में आज भी शांति की जगह एक डर बना हुआ है. मैतेई और कुकी समुदाय के बीच लगी नफरत की यह आग बुझने का नाम नहीं ले रही है. 3 मई 2023 से अब तक, जब भी लगता है कि हालात थोड़े सुधर रहे हैं, नफरत की कोई न कोई चिंगारी पूरे राज्य को फिर से सुलगा देती है. ताजा मामला कांगपोकपी जिले का है. पिछले महीने की 13 तारीख को जिन 6 नागा लोगों को अगवा किया गया था, 28 दिन बाद उनके शव बरामद हुए हैं. इस घटना ने सबको सन्न कर दिया. हर तरफ एक सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन इस सन्नाटे के पीछे एक गहरा आक्रोश है. इंफाल वेस्ट में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है. यह चीख उन मांओं की है, जिन्होंने अपने बच्चे खोए हैं. यह गुस्सा उन युवाओं का है, जिनका भविष्य हिंसा की आग में जल रहा है. इस दर्द और गुस्से के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है.#SixNagamen #abducted #Manipur #dead #manipurviolence  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress कहने को तो वक्त हर जख्म को भर देता है. मगर भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की कहानी इससे जुदा है…जातीय हिंसा भड़के हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, मगर वहां अभी भी हालात सुधरे नहीं हैं. वहां की फिजाओं में आज भी शांति की जगह एक डर बना हुआ है. मैतेई और कुकी समुदाय के बीच लगी नफरत की यह आग बुझने का नाम नहीं ले रही है. 3 मई 2023 से अब तक, जब भी लगता है कि हालात थोड़े सुधर रहे हैं, नफरत की कोई न कोई चिंगारी पूरे राज्य को फिर से सुलगा देती है. ताजा मामला कांगपोकपी जिले का है. पिछले महीने की 13 तारीख को जिन 6 नागा लोगों को अगवा किया गया था, 28 दिन बाद उनके शव बरामद हुए हैं. इस घटना ने सबको सन्न कर दिया. हर तरफ एक सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन इस सन्नाटे के पीछे एक गहरा आक्रोश है. इंफाल वेस्ट में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है. यह चीख उन मांओं की है, जिन्होंने अपने बच्चे खोए हैं. यह गुस्सा उन युवाओं का है, जिनका भविष्य हिंसा की आग में जल रहा है. इस दर्द और गुस्से के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है.#SixNagamen #abducted #Manipur #dead #manipurviolence #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate