#sampadakexpress कहने को तो वक्त हर जख्म को भर देता है. मगर भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की कहानी इससे जुदा है…जातीय हिंसा भड़के हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, मगर वहां अभी भी हालात सुधरे नहीं हैं. वहां की फिजाओं में आज भी शांति की जगह एक डर बना हुआ है. मैतेई और कुकी समुदाय के बीच लगी नफरत की यह आग बुझने का नाम नहीं ले रही है. 3 मई 2023 से अब तक, जब भी लगता है कि हालात थोड़े सुधर रहे हैं, नफरत की कोई न कोई चिंगारी पूरे राज्य को फिर से सुलगा देती है. ताजा मामला कांगपोकपी जिले का है. पिछले महीने की 13 तारीख को जिन 6 नागा लोगों को अगवा किया गया था, 28 दिन बाद उनके शव बरामद हुए हैं. इस घटना ने सबको सन्न कर दिया. हर तरफ एक सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन इस सन्नाटे के पीछे एक गहरा आक्रोश है. इंफाल वेस्ट में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है. यह चीख उन मांओं की है, जिन्होंने अपने बच्चे खोए हैं. यह गुस्सा उन युवाओं का है, जिनका भविष्य हिंसा की आग में जल रहा है. इस दर्द और गुस्से के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है.#SixNagamen #abducted #Manipur #dead #manipurviolence #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate




