भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है। यह निर्णय उन बूथों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं और शिकायतों के सामने आने के बाद लिया गया है।आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मगराहाट पश्चिम (142-एसी) के 11 मतदान केंद्रों और डायमंड हार्बर (143-एसी) के 4 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। ये वही बूथ हैं जहां 29 अप्रैल 2026 को हुए मतदान को अब शून्य घोषित कर दिया गया है।निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर्स और चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिसमें मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ियों के संकेत मिले थे। आयोग ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इन बूथों पर हुए मतदान को अमान्य घोषित किया है।आदेश में यह भी कहा गया है कि इन मतदान केंद्रों पर 2 मई 2026 को पुनः मतदान कराया जाएगा। आयोग ने इसके लिए निर्धारित समयावधि भी तय की है और स्थानीय प्रशासन को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इस फैसले के बाद इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि पुनर्मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और मतदाता निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।#SampadakExpress #WestBengalElection #Repoll2026 #ElectionCommission #BreakingNews #IndiaNews #DemocracyMatters #VotingDay #PoliticalUpdate #TrendingNow

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है। यह निर्णय उन बूथों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं और शिकायतों के सामने आने के बाद लिया गया है।आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मगराहाट पश्चिम (142-एसी) के 11 मतदान केंद्रों और डायमंड हार्बर (143-एसी) के 4 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। ये वही बूथ हैं जहां 29 अप्रैल 2026 को हुए मतदान को अब शून्य घोषित कर दिया गया है।निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर्स और चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिसमें मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ियों के संकेत मिले थे। आयोग ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इन बूथों पर हुए मतदान को अमान्य घोषित किया है।आदेश में यह भी कहा गया है कि इन मतदान केंद्रों पर 2 मई 2026 को पुनः मतदान कराया जाएगा। आयोग ने इसके लिए निर्धारित समयावधि भी तय की है और स्थानीय प्रशासन को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इस फैसले के बाद इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि पुनर्मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और मतदाता निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।#SampadakExpress #WestBengalElection #Repoll2026 #ElectionCommission #BreakingNews #IndiaNews #DemocracyMatters #VotingDay #PoliticalUpdate #TrendingNow
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है। यह निर्णय उन बूथों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं और शिकायतों के सामने आने के बाद लिया गया है।आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मगराहाट पश्चिम (142-एसी) के 11 मतदान केंद्रों और डायमंड हार्बर (143-एसी) के 4 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। ये वही बूथ हैं जहां 29 अप्रैल 2026 को हुए मतदान को अब शून्य घोषित कर दिया गया है।निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर्स और चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिसमें मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ियों के संकेत मिले थे। आयोग ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इन बूथों पर हुए मतदान को अमान्य घोषित किया है।आदेश में यह भी कहा गया है कि इन मतदान केंद्रों पर 2 मई 2026 को पुनः मतदान कराया जाएगा। आयोग ने इसके लिए निर्धारित समयावधि भी तय की है और स्थानीय प्रशासन को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इस फैसले के बाद इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि पुनर्मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और मतदाता निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।#SampadakExpress #WestBengalElection #Repoll2026 #ElectionCommission #BreakingNews #IndiaNews #DemocracyMatters #VotingDay #PoliticalUpdate #TrendingNow

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दिल्ली के जनकपुरी में गंदे पानी का संकट: महीनों से परेशान लोग, बदबू और दूषित सप्लाई से बढ़ी चिंतापश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में रहने वाले लोग पिछले कई महीनों से गंदे और बदबूदार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नलों से आने वाला पानी मटमैला और दुर्गंधयुक्त है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।86 वर्षीय विमला अरोड़ा, जो इस इलाके में अकेली रहती हैं, बताती हैं कि पिछले 6-7 महीनों से उनके घर में नल खोलते ही सीवर जैसा गंदा पानी आ रहा है। यह स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पीने और खाना बनाने के लिए लोगों को अब बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।कई घरों में पानी का रंग बदल जाना और तेज बदबू आना आम हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पिछले एक साल में कई बार संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में प्रदूषण की आशंका सीवेज के मिल जाने के कारण हो सकती है। पहले की जांचों में भी इस क्षेत्र के पानी के नमूनों में संदूषण के संकेत मिले थे, जिससे समस्या की गंभीरता और बढ़ जाती है।यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।#SampadakExpress #DelhiNews #Janakpuri #WaterCrisis #PublicHealth #BreakingNews #IndiaNews #GroundReport #UrbanIssues #CleanWater
दिल्ली के जनकपुरी में गंदे पानी का संकट: महीनों से परेशान लोग, बदबू और दूषित सप्लाई से बढ़ी चिंतापश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में रहने वाले लोग पिछले कई महीनों से गंदे और बदबूदार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नलों से आने वाला पानी मटमैला और दुर्गंधयुक्त है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।86 वर्षीय विमला अरोड़ा, जो इस इलाके में अकेली रहती हैं, बताती हैं कि पिछले 6-7 महीनों से उनके घर में नल खोलते ही सीवर जैसा गंदा पानी आ रहा है। यह स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पीने और खाना बनाने के लिए लोगों को अब बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।कई घरों में पानी का रंग बदल जाना और तेज बदबू आना आम हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पिछले एक साल में कई बार संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में प्रदूषण की आशंका सीवेज के मिल जाने के कारण हो सकती है। पहले की जांचों में भी इस क्षेत्र के पानी के नमूनों में संदूषण के संकेत मिले थे, जिससे समस्या की गंभीरता और बढ़ जाती है।यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।#SampadakExpress #DelhiNews #Janakpuri #WaterCrisis #PublicHealth #BreakingNews #IndiaNews #GroundReport #UrbanIssues #CleanWater
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#sampadakexpress क्रूज वाले अंकल को लोग मना कर रहे थे. फिर भी वो किसी की बात नहीं मान रहे थे. वो डैम के बीच में ही क्रूज लेकर चले गए… ये शब्द हैं उस बच्ची के जिसने हादसे में अपनी मां और छोटे भाई को हमेशा के लिए खो दिया. वही मां, जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई है. इस मां ने 4 साल के बेटे को बचाने की खातिर अपने सीने से लगा लिया. एक ही लाइफ जैकेट को मां-बेटे ने पहना था. उन्होंने सोचा था कि वो शायद लाइफ जैकेट की मदद से वो पानी के ऊपर आ जाएंगे. मगर अफसोस दोनों क्रूज में ही फंसे रह गए और पानी के अंदर ही दोनों की मौत हो गई. जब दोनों के शवों को रेस्क्यू किया गया तो हर किसी की आंखें नम हो गईं. मां ने बेटे को सीने से ऐसे कवच की तहर जकड़ रखा था कि मौत के बाद भी दोनों अलग ना हो सके. रेस्क्यू टीम ने खुद भावुक होकर बताया कि वो जब मां बेटे के शवों को निकाल रहे थे को उन्हें अलग कर पाना काफी मुश्किल भरा हो रहा था. सोशल मीडिया पर कल से यही तस्वीर खूब वायरल हुई है. इस तस्वीर को देख बस यही बात ख्याल में आ रही है- मां तो मां होती है. ये परिवार दिल्ली का रहने वाला था. घूमने के लिए जबलपुर आया था. मगर परिवार नहीं जानता था कि बरगी डैम हादसा उनके जीवन की सारी खुशियां ही छीन लेगा.#Madhyapradesh #Jabalpur #cruiseaccident #motherandson #clinging  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress क्रूज वाले अंकल को लोग मना कर रहे थे. फिर भी वो किसी की बात नहीं मान रहे थे. वो डैम के बीच में ही क्रूज लेकर चले गए… ये शब्द हैं उस बच्ची के जिसने हादसे में अपनी मां और छोटे भाई को हमेशा के लिए खो दिया. वही मां, जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई है. इस मां ने 4 साल के बेटे को बचाने की खातिर अपने सीने से लगा लिया. एक ही लाइफ जैकेट को मां-बेटे ने पहना था. उन्होंने सोचा था कि वो शायद लाइफ जैकेट की मदद से वो पानी के ऊपर आ जाएंगे. मगर अफसोस दोनों क्रूज में ही फंसे रह गए और पानी के अंदर ही दोनों की मौत हो गई. जब दोनों के शवों को रेस्क्यू किया गया तो हर किसी की आंखें नम हो गईं. मां ने बेटे को सीने से ऐसे कवच की तहर जकड़ रखा था कि मौत के बाद भी दोनों अलग ना हो सके. रेस्क्यू टीम ने खुद भावुक होकर बताया कि वो जब मां बेटे के शवों को निकाल रहे थे को उन्हें अलग कर पाना काफी मुश्किल भरा हो रहा था. सोशल मीडिया पर कल से यही तस्वीर खूब वायरल हुई है. इस तस्वीर को देख बस यही बात ख्याल में आ रही है- मां तो मां होती है. ये परिवार दिल्ली का रहने वाला था. घूमने के लिए जबलपुर आया था. मगर परिवार नहीं जानता था कि बरगी डैम हादसा उनके जीवन की सारी खुशियां ही छीन लेगा.#Madhyapradesh #Jabalpur #cruiseaccident #motherandson #clinging #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate