#sampadakexpress उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है. शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल श्यामगंज फ्लाईओवर पर सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया. स्कूटी से जा रहा एक किशोर आदित्य वीर सिंह गंगवार (15) अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई. घायल आदित्य वीर सिंह, गन्ना मंत्री संजय गंगवार का भतीजा और ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह गंगवार का बेटा है. घटना के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा कि आदित्य वीर सिंह गंगवार सोमवार दोपहर के समय अपनी स्कूटी से स्टेडियम जा रहा था. जब वह श्यामगंज फ्लाईओवर पर पहुंचा तो अचानक हवा में लटक रहा चाइनीज मांझा उसके गले में आकर फंस गया. तेज रफ्तार में होने की वजह से मांझा गर्दन पर गहराई से लग गया और वह स्कूटी पर से संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर गया.#Uttarpradesh #Bareilly #chinesemanja #sanjaygangwar #nephewinjured #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

#sampadakexpress उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है. शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल श्यामगंज फ्लाईओवर पर सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया. स्कूटी से जा रहा एक किशोर आदित्य वीर सिंह गंगवार (15) अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई. घायल आदित्य वीर सिंह, गन्ना मंत्री संजय गंगवार का भतीजा और ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह गंगवार का बेटा है. घटना के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा कि आदित्य वीर सिंह गंगवार सोमवार दोपहर के समय अपनी स्कूटी से स्टेडियम जा रहा था. जब वह श्यामगंज फ्लाईओवर पर पहुंचा तो अचानक हवा में लटक रहा चाइनीज मांझा उसके गले में आकर फंस गया. तेज रफ्तार में होने की वजह से मांझा गर्दन पर गहराई से लग गया और वह स्कूटी पर से संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर गया.#Uttarpradesh #Bareilly #chinesemanja #sanjaygangwar #nephewinjured #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है. शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल श्यामगंज फ्लाईओवर पर सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया. स्कूटी से जा रहा एक किशोर आदित्य वीर सिंह गंगवार (15) अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई. घायल आदित्य वीर सिंह, गन्ना मंत्री संजय गंगवार का भतीजा और ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह गंगवार का बेटा है. घटना के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा कि आदित्य वीर सिंह गंगवार सोमवार दोपहर के समय अपनी स्कूटी से स्टेडियम जा रहा था. जब वह श्यामगंज फ्लाईओवर पर पहुंचा तो अचानक हवा में लटक रहा चाइनीज मांझा उसके गले में आकर फंस गया. तेज रफ्तार में होने की वजह से मांझा गर्दन पर गहराई से लग गया और वह स्कूटी पर से संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर गया.#Uttarpradesh #Bareilly #chinesemanja #sanjaygangwar #nephewinjured  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img
Previous article
Next article
#sampadakexpress माउंट एवरेस्ट के सबसे खतरनाक हिस्से जिसे डेथ जोन (Death Zone) कहा जाता है वहां पिछले करीब 30 साल से ग्रीन बूट्स के नाम से मशहूर एक अज्ञात पर्वतारोही का शव पड़ा है. इस शव को अब नीचे लाने की तैयारी की जा ही है. इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने इस चुनौतीपूर्ण और खतरनाक अभियान के लिए एक विशेषज्ञ हाई-एल्टीट्यूड रिकवरी एजेंसी को नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर 8,000 मीटर यानी डेथ जोन में जहां ऑक्सीजन की भारी कमी होती है वहां पड़ा यह शव दशकों से पर्वतारोहियों के लिए खतरे की निशानी बना हुआ है. जो दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने की चुनौतियों की भयावह याद दिलाता है. यहां बेहद कम ऑक्सीजन और जमा देने वाली ठंड की वजह से हर अभियान बेहद जोखिम भरा होता है.#GreenBoots #recovery #ITBP #death #mounteverest  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress माउंट एवरेस्ट के सबसे खतरनाक हिस्से जिसे डेथ जोन (Death Zone) कहा जाता है वहां पिछले करीब 30 साल से ग्रीन बूट्स के नाम से मशहूर एक अज्ञात पर्वतारोही का शव पड़ा है. इस शव को अब नीचे लाने की तैयारी की जा ही है. इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने इस चुनौतीपूर्ण और खतरनाक अभियान के लिए एक विशेषज्ञ हाई-एल्टीट्यूड रिकवरी एजेंसी को नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर 8,000 मीटर यानी डेथ जोन में जहां ऑक्सीजन की भारी कमी होती है वहां पड़ा यह शव दशकों से पर्वतारोहियों के लिए खतरे की निशानी बना हुआ है. जो दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने की चुनौतियों की भयावह याद दिलाता है. यहां बेहद कम ऑक्सीजन और जमा देने वाली ठंड की वजह से हर अभियान बेहद जोखिम भरा होता है.#GreenBoots #recovery #ITBP #death #mounteverest #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate