#sampadakexpress माउंट एवरेस्ट के सबसे खतरनाक हिस्से जिसे डेथ जोन (Death Zone) कहा जाता है वहां पिछले करीब 30 साल से ग्रीन बूट्स के नाम से मशहूर एक अज्ञात पर्वतारोही का शव पड़ा है. इस शव को अब नीचे लाने की तैयारी की जा ही है. इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने इस चुनौतीपूर्ण और खतरनाक अभियान के लिए एक विशेषज्ञ हाई-एल्टीट्यूड रिकवरी एजेंसी को नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर 8,000 मीटर यानी डेथ जोन में जहां ऑक्सीजन की भारी कमी होती है वहां पड़ा यह शव दशकों से पर्वतारोहियों के लिए खतरे की निशानी बना हुआ है. जो दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने की चुनौतियों की भयावह याद दिलाता है. यहां बेहद कम ऑक्सीजन और जमा देने वाली ठंड की वजह से हर अभियान बेहद जोखिम भरा होता है.#GreenBoots #recovery #ITBP #death #mounteverest #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate





