भारत सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty – IWT) तब तक निलंबित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से भारतीय नदी परियोजनाओं पर की गई आलोचना को खारिज करते हुए यह दोहराया कि भारत का रुख पहले की तरह स्पष्ट और अडिग है।पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारत Chenab-Beas Link Tunnel Project और Salal Dam Reservoir से गाद (silt) निकालने की योजनाओं के जरिए पानी को "हथियार" के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है और यह स्थिति तब तक जारी रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता।साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए स्विट्जरलैंड के राजदूत को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणी पर भी भारत ने जवाब दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और स्विस राजदूत सहित किसी भी देश के राजनयिक को वहां जाने और बैठकें करने की स्वतंत्रता है।गौरतलब है कि पिछले महीने भारत ने सिंधु जल संधि 1960 के तहत गठित बताए जा रहे तथाकथित Court of Arbitration (CoA) के हालिया फैसले को भी "शून्य और अमान्य" (Null and Void) करार दिया था। भारत का कहना है कि यह मध्यस्थता न्यायाधिकरण वैध रूप से गठित नहीं किया गया था।भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों तथा सीमा पार आतंकवाद को लेकर चल रहे तनाव के बीच यह बयान दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।#SampadakExpress #IndusWatersTreaty #IndiaPakistan #MEA #RandhirJaiswal #CrossBorderTerrorism #Pakistan #ChenabRiver #BeasRiver #SalalDam #WaterDispute #Diplomacy #ForeignPolicy #NationalSecurity #JammuAndKashmir #BreakingNews #IndiaNews #Geopolitics #InternationalRelations #LatestNews #SouthAsia





