ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले की जांच के दौरान विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित ITDA के सहायक कार्यपालक अभियंता (Assistant Executive Engineer) बैकुंठनाथ बेहरा से जुड़े नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।जांच के दौरान अधिकारियों को परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा कई आलीशान मकान, महंगी जमीनें और अन्य वित्तीय संपत्तियों का भी पता चला है। विजिलेंस की कार्रवाई अभी जारी है और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, बेहरा के खिलाफ उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच की जा रही है। विशेष विजिलेंस अदालत, भुवनेश्वर द्वारा जारी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।छापेमारी भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और बलिगुड़ा समेत विभिन्न स्थानों पर की गई। जांच टीम ने चंद्रशेखरपुर, शैलाश्री विहार, कानन विहार, जाजपुर के धर्मशाला, बारिपदा स्थित आवासों के साथ-साथ बलिगुड़ा में उनके सरकारी आवास और कार्यालय कक्ष की भी तलाशी ली।इस अभियान में विजिलेंस विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक और अन्य अधिकारियों की बड़ी टीम शामिल रही। मामले को ओडिशा में हाल के वर्षों की बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।#SampadakExpress #Odisha #OdishaVigilance #CorruptionCase #DisproportionateAssets #Raid #CashRecovery #Bhubaneswar #Balasore #Jajpur #Kandhamal #Baliguda #BreakingNews #IndiaNews #GovernmentOfficer #VigilanceRaid #AntiCorruption #LatestNews #NewsUpdate #TrendingNews

ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले की जांच के दौरान विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित ITDA के सहायक कार्यपालक अभियंता (Assistant Executive Engineer) बैकुंठनाथ बेहरा से जुड़े नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।जांच के दौरान अधिकारियों को परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा कई आलीशान मकान, महंगी जमीनें और अन्य वित्तीय संपत्तियों का भी पता चला है। विजिलेंस की कार्रवाई अभी जारी है और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, बेहरा के खिलाफ उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच की जा रही है। विशेष विजिलेंस अदालत, भुवनेश्वर द्वारा जारी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।छापेमारी भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और बलिगुड़ा समेत विभिन्न स्थानों पर की गई। जांच टीम ने चंद्रशेखरपुर, शैलाश्री विहार, कानन विहार, जाजपुर के धर्मशाला, बारिपदा स्थित आवासों के साथ-साथ बलिगुड़ा में उनके सरकारी आवास और कार्यालय कक्ष की भी तलाशी ली।इस अभियान में विजिलेंस विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक और अन्य अधिकारियों की बड़ी टीम शामिल रही। मामले को ओडिशा में हाल के वर्षों की बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।#SampadakExpress #Odisha #OdishaVigilance #CorruptionCase #DisproportionateAssets #Raid #CashRecovery #Bhubaneswar #Balasore #Jajpur #Kandhamal #Baliguda #BreakingNews #IndiaNews #GovernmentOfficer #VigilanceRaid #AntiCorruption #LatestNews #NewsUpdate #TrendingNews
ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले की जांच के दौरान विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित ITDA के सहायक कार्यपालक अभियंता (Assistant Executive Engineer) बैकुंठनाथ बेहरा से जुड़े नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।जांच के दौरान अधिकारियों को परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा कई आलीशान मकान, महंगी जमीनें और अन्य वित्तीय संपत्तियों का भी पता चला है। विजिलेंस की कार्रवाई अभी जारी है और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, बेहरा के खिलाफ उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच की जा रही है। विशेष विजिलेंस अदालत, भुवनेश्वर द्वारा जारी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।छापेमारी भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और बलिगुड़ा समेत विभिन्न स्थानों पर की गई। जांच टीम ने चंद्रशेखरपुर, शैलाश्री विहार, कानन विहार, जाजपुर के धर्मशाला, बारिपदा स्थित आवासों के साथ-साथ बलिगुड़ा में उनके सरकारी आवास और कार्यालय कक्ष की भी तलाशी ली।इस अभियान में विजिलेंस विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक और अन्य अधिकारियों की बड़ी टीम शामिल रही। मामले को ओडिशा में हाल के वर्षों की बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।#SampadakExpress #Odisha #OdishaVigilance #CorruptionCase #DisproportionateAssets #Raid #CashRecovery #Bhubaneswar #Balasore #Jajpur #Kandhamal #Baliguda #BreakingNews #IndiaNews #GovernmentOfficer #VigilanceRaid #AntiCorruption #LatestNews #NewsUpdate #TrendingNews

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भारत सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty – IWT) तब तक निलंबित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से भारतीय नदी परियोजनाओं पर की गई आलोचना को खारिज करते हुए यह दोहराया कि भारत का रुख पहले की तरह स्पष्ट और अडिग है।पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारत Chenab-Beas Link Tunnel Project और Salal Dam Reservoir से गाद (silt) निकालने की योजनाओं के जरिए पानी को "हथियार" के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है और यह स्थिति तब तक जारी रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता।साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए स्विट्जरलैंड के राजदूत को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणी पर भी भारत ने जवाब दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और स्विस राजदूत सहित किसी भी देश के राजनयिक को वहां जाने और बैठकें करने की स्वतंत्रता है।गौरतलब है कि पिछले महीने भारत ने सिंधु जल संधि 1960 के तहत गठित बताए जा रहे तथाकथित Court of Arbitration (CoA) के हालिया फैसले को भी "शून्य और अमान्य" (Null and Void) करार दिया था। भारत का कहना है कि यह मध्यस्थता न्यायाधिकरण वैध रूप से गठित नहीं किया गया था।भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों तथा सीमा पार आतंकवाद को लेकर चल रहे तनाव के बीच यह बयान दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।#SampadakExpress #IndusWatersTreaty #IndiaPakistan #MEA #RandhirJaiswal #CrossBorderTerrorism #Pakistan #ChenabRiver #BeasRiver #SalalDam #WaterDispute #Diplomacy #ForeignPolicy #NationalSecurity #JammuAndKashmir #BreakingNews #IndiaNews #Geopolitics #InternationalRelations #LatestNews #SouthAsia
भारत सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty – IWT) तब तक निलंबित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से भारतीय नदी परियोजनाओं पर की गई आलोचना को खारिज करते हुए यह दोहराया कि भारत का रुख पहले की तरह स्पष्ट और अडिग है।पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारत Chenab-Beas Link Tunnel Project और Salal Dam Reservoir से गाद (silt) निकालने की योजनाओं के जरिए पानी को "हथियार" के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है और यह स्थिति तब तक जारी रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता।साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए स्विट्जरलैंड के राजदूत को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणी पर भी भारत ने जवाब दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और स्विस राजदूत सहित किसी भी देश के राजनयिक को वहां जाने और बैठकें करने की स्वतंत्रता है।गौरतलब है कि पिछले महीने भारत ने सिंधु जल संधि 1960 के तहत गठित बताए जा रहे तथाकथित Court of Arbitration (CoA) के हालिया फैसले को भी "शून्य और अमान्य" (Null and Void) करार दिया था। भारत का कहना है कि यह मध्यस्थता न्यायाधिकरण वैध रूप से गठित नहीं किया गया था।भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों तथा सीमा पार आतंकवाद को लेकर चल रहे तनाव के बीच यह बयान दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।#SampadakExpress #IndusWatersTreaty #IndiaPakistan #MEA #RandhirJaiswal #CrossBorderTerrorism #Pakistan #ChenabRiver #BeasRiver #SalalDam #WaterDispute #Diplomacy #ForeignPolicy #NationalSecurity #JammuAndKashmir #BreakingNews #IndiaNews #Geopolitics #InternationalRelations #LatestNews #SouthAsia
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भारतीयों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन कंटेंट पर सिंगापुर की सख्ती, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉकिंग के आदेशसिंगापुर सरकार ने भारतीय समुदाय को निशाना बनाने और नस्लीय तनाव भड़काने वाले ऑनलाइन कंटेंट के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सिंगापुर के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने Facebook, YouTube और X समेत प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे पोस्ट्स तक पहुंच रोकने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें देश की बहुसांस्कृतिक और सामाजिक सौहार्द की भावना के खिलाफ माना गया है।गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई Online Criminal Harms Act (OCHA) के तहत की है। आदेश के दायरे में कुल 14 ऐसे पोस्ट शामिल हैं, जिनमें दावा किया गया था कि सिंगापुर भारतीयों से "भरता जा रहा है" और भारतीय समुदाय का सरकार तथा समाज में अनुपात से अधिक प्रभाव है।अधिकारियों के अनुसार, हाल के सप्ताहों में प्रसारित इन पोस्ट्स का उद्देश्य नस्लीय विभाजन को बढ़ावा देना और विभिन्न समुदायों के बीच अविश्वास पैदा करना था। सिंगापुर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश की पहचान नस्लीय और सांस्कृतिक विविधता पर आधारित है तथा किसी भी समुदाय के खिलाफ भड़काऊ या भेदभावपूर्ण सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सिंगापुर लंबे समय से अपनी सामाजिक सद्भाव और बहुसांस्कृतिक व्यवस्था के लिए जाना जाता है। ऐसे में सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने और आपत्तिजनक सामग्री तक स्थानीय पहुंच रोकने को कहा है।#SampadakExpress #Singapore #IndianCommunity #SocialMedia #Facebook #YouTube #X #OnlineContent #RacialHarmony #Multiculturalism #DigitalSafety #BreakingNews #WorldNews #InternationalNews #SingaporeNews #IndianDiaspora #OnlineCriminalHarmsAct #OCHA #LatestNews #NewsUpdate #GlobalNews #TrendingNews
भारतीयों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन कंटेंट पर सिंगापुर की सख्ती, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉकिंग के आदेशसिंगापुर सरकार ने भारतीय समुदाय को निशाना बनाने और नस्लीय तनाव भड़काने वाले ऑनलाइन कंटेंट के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सिंगापुर के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने Facebook, YouTube और X समेत प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे पोस्ट्स तक पहुंच रोकने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें देश की बहुसांस्कृतिक और सामाजिक सौहार्द की भावना के खिलाफ माना गया है।गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई Online Criminal Harms Act (OCHA) के तहत की है। आदेश के दायरे में कुल 14 ऐसे पोस्ट शामिल हैं, जिनमें दावा किया गया था कि सिंगापुर भारतीयों से "भरता जा रहा है" और भारतीय समुदाय का सरकार तथा समाज में अनुपात से अधिक प्रभाव है।अधिकारियों के अनुसार, हाल के सप्ताहों में प्रसारित इन पोस्ट्स का उद्देश्य नस्लीय विभाजन को बढ़ावा देना और विभिन्न समुदायों के बीच अविश्वास पैदा करना था। सिंगापुर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश की पहचान नस्लीय और सांस्कृतिक विविधता पर आधारित है तथा किसी भी समुदाय के खिलाफ भड़काऊ या भेदभावपूर्ण सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सिंगापुर लंबे समय से अपनी सामाजिक सद्भाव और बहुसांस्कृतिक व्यवस्था के लिए जाना जाता है। ऐसे में सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने और आपत्तिजनक सामग्री तक स्थानीय पहुंच रोकने को कहा है।#SampadakExpress #Singapore #IndianCommunity #SocialMedia #Facebook #YouTube #X #OnlineContent #RacialHarmony #Multiculturalism #DigitalSafety #BreakingNews #WorldNews #InternationalNews #SingaporeNews #IndianDiaspora #OnlineCriminalHarmsAct #OCHA #LatestNews #NewsUpdate #GlobalNews #TrendingNews