#sampadakexpress NEET-UG की दोबारा परीक्षा देशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है. 1:30 बजे गेट बंद होने के सख्त नियम के चलते बेंगलुरु और मुंबई में कई छात्र देर से पहुंचने के कारण प्रवेश से वंचित रह गए. अभिभावकों ने कांग्रेस रैली के कारण हुए ट्रैफिक जाम और पुलिस प्रबंधन की कमी को देरी का मुख्य कारण बताया, जिससे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया.#Neetreexam #tightsecurity #strictentryrules #students #deniedaccess #bengaluru #NewsUpdate #viralreels #viralvideostoday #trendingvideo #trendingtopic #trendingnews2024 #TRENDINGNEWSTODAY #reels2024

#sampadakexpress NEET-UG की दोबारा परीक्षा देशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है. 1:30 बजे गेट बंद होने के सख्त नियम के चलते बेंगलुरु और मुंबई में कई छात्र देर से पहुंचने के कारण प्रवेश से वंचित रह गए. अभिभावकों ने कांग्रेस रैली के कारण हुए ट्रैफिक जाम और पुलिस प्रबंधन की कमी को देरी का मुख्य कारण बताया, जिससे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया.#Neetreexam #tightsecurity #strictentryrules #students #deniedaccess #bengaluru #NewsUpdate #viralreels #viralvideostoday #trendingvideo #trendingtopic #trendingnews2024 #TRENDINGNEWSTODAY #reels2024
#sampadakexpress NEET-UG की दोबारा परीक्षा देशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है. 1:30 बजे गेट बंद होने के सख्त नियम के चलते बेंगलुरु और मुंबई में कई छात्र देर से पहुंचने के कारण प्रवेश से वंचित रह गए. अभिभावकों ने कांग्रेस रैली के कारण हुए ट्रैफिक जाम और पुलिस प्रबंधन की कमी को देरी का मुख्य कारण बताया, जिससे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया.#Neetreexam #tightsecurity #strictentryrules #students #deniedaccess #bengaluru #NewsUpdate #viralreels #viralvideostoday #trendingvideo #trendingtopic #trendingnews2024 #TRENDINGNEWSTODAY #reels2024

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#sampadakexpress बिहार में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट में लेटर पिटीशन दायर किया गया है. इस मामले में सीजेआई से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की गई है. वहीं एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील नरेंद्र मिश्रा ने ये लेटर पिटीशन भेजा है. एनकाउंटर करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है. इसके साथ ही बिहार सरकार से जवाब तलब कर स्थितियों को स्पष्ट करने की गुजारिश की गई है. लेटर पिटीशन में कहा गया कि मृतक तिवारी की कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं थी, परिजनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से गैरकानूनी है.#SupremeCourt #cjicognizance #bharatbhushantiwari #encountercase #bihar  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress बिहार में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट में लेटर पिटीशन दायर किया गया है. इस मामले में सीजेआई से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की गई है. वहीं एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील नरेंद्र मिश्रा ने ये लेटर पिटीशन भेजा है. एनकाउंटर करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है. इसके साथ ही बिहार सरकार से जवाब तलब कर स्थितियों को स्पष्ट करने की गुजारिश की गई है. लेटर पिटीशन में कहा गया कि मृतक तिवारी की कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं थी, परिजनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से गैरकानूनी है.#SupremeCourt #cjicognizance #bharatbhushantiwari #encountercase #bihar #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
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#sampadakexpress भारत ने शनिवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के कश्मीर पर दिए बयान को खारिज किया. उन्होंने कहा कि उन्हें देश के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा की गई अनावश्यक बयानबाजी को पूरी तरह से खारिज करता है. वैसे भी, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है.” रणधीर जायसवाल ने कहा, “ये बातें खासकर तब और भी बेतुकी लगती हैं जब हम मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान के बेहद खराब रिकॉर्ड को देखते हैं, जो दुनिया भर में चर्चा का विषय रहा है.” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का “अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने और प्रताड़ित करने का लंबा इतिहास रहा है, जो जगजाहिर है.” उन्होंने कहा, “इस सच्चाई को देखते हुए, राष्ट्रपति के बयान को केवल एक जानबूझकर किया गया राजनीतिक हमला ही माना जा सकता है, जो पाकिस्तान की कट्टरता और नफरत की राष्ट्रीय नीतियों से प्रेरित है.”#MinistryOfExternalAffairs #slams #zardari #humanrights #internalaffairs  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress भारत ने शनिवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के कश्मीर पर दिए बयान को खारिज किया. उन्होंने कहा कि उन्हें देश के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा की गई अनावश्यक बयानबाजी को पूरी तरह से खारिज करता है. वैसे भी, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है.” रणधीर जायसवाल ने कहा, “ये बातें खासकर तब और भी बेतुकी लगती हैं जब हम मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान के बेहद खराब रिकॉर्ड को देखते हैं, जो दुनिया भर में चर्चा का विषय रहा है.” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का “अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने और प्रताड़ित करने का लंबा इतिहास रहा है, जो जगजाहिर है.” उन्होंने कहा, “इस सच्चाई को देखते हुए, राष्ट्रपति के बयान को केवल एक जानबूझकर किया गया राजनीतिक हमला ही माना जा सकता है, जो पाकिस्तान की कट्टरता और नफरत की राष्ट्रीय नीतियों से प्रेरित है.”#MinistryOfExternalAffairs #slams #zardari #humanrights #internalaffairs #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate