असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।असम विधानसभा सत्र के तीसरे दिन बोलते हुए सरमा ने कहा, “हमने UCC विधेयक पेश किया है, जो अल्पसंख्यक समुदाय के पुरुषों और महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा। यह उन महिलाओं को भी सुरक्षा और स्वतंत्र जीवन देगा, जो दशकों से उत्पीड़न का सामना कर रही हैं।”मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जनता से वादा किया था कि सत्ता में वापसी होने पर UCC लागू किया जाएगा और अब उस वादे को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है।उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि UCC लागू करने को लेकर कई तरह की आलोचनाएं हुईं, लेकिन सरकार अपने संकल्प पर कायम रही। सरमा ने कहा, “मैंने विपक्ष से कहा था कि अगर रोक सकते हो तो रोक लो, लेकिन अगर नहीं रोक पाए तो हम पहले विधानसभा सत्र में ही UCC लेकर आएंगे। आज हमने वह वादा निभाया है।”#SampadakExpress #UCC #UniformCivilCode #HimantaBiswaSarma #Assam #Politics #MinorityWomen #IndiaNews #BreakingNews #AssamAssembly #PoliticalNews #WomenSafety

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।असम विधानसभा सत्र के तीसरे दिन बोलते हुए सरमा ने कहा, “हमने UCC विधेयक पेश किया है, जो अल्पसंख्यक समुदाय के पुरुषों और महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा। यह उन महिलाओं को भी सुरक्षा और स्वतंत्र जीवन देगा, जो दशकों से उत्पीड़न का सामना कर रही हैं।”मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जनता से वादा किया था कि सत्ता में वापसी होने पर UCC लागू किया जाएगा और अब उस वादे को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है।उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि UCC लागू करने को लेकर कई तरह की आलोचनाएं हुईं, लेकिन सरकार अपने संकल्प पर कायम रही। सरमा ने कहा, “मैंने विपक्ष से कहा था कि अगर रोक सकते हो तो रोक लो, लेकिन अगर नहीं रोक पाए तो हम पहले विधानसभा सत्र में ही UCC लेकर आएंगे। आज हमने वह वादा निभाया है।”#SampadakExpress #UCC #UniformCivilCode #HimantaBiswaSarma #Assam #Politics #MinorityWomen #IndiaNews #BreakingNews #AssamAssembly #PoliticalNews #WomenSafety
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।असम विधानसभा सत्र के तीसरे दिन बोलते हुए सरमा ने कहा, “हमने UCC विधेयक पेश किया है, जो अल्पसंख्यक समुदाय के पुरुषों और महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा। यह उन महिलाओं को भी सुरक्षा और स्वतंत्र जीवन देगा, जो दशकों से उत्पीड़न का सामना कर रही हैं।”मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जनता से वादा किया था कि सत्ता में वापसी होने पर UCC लागू किया जाएगा और अब उस वादे को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है।उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि UCC लागू करने को लेकर कई तरह की आलोचनाएं हुईं, लेकिन सरकार अपने संकल्प पर कायम रही। सरमा ने कहा, “मैंने विपक्ष से कहा था कि अगर रोक सकते हो तो रोक लो, लेकिन अगर नहीं रोक पाए तो हम पहले विधानसभा सत्र में ही UCC लेकर आएंगे। आज हमने वह वादा निभाया है।”#SampadakExpress #UCC #UniformCivilCode #HimantaBiswaSarma #Assam #Politics #MinorityWomen #IndiaNews #BreakingNews #AssamAssembly #PoliticalNews #WomenSafety

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मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में कुएं की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से पांच मजदूरों की मौत हो गई।यह घटना अजयगढ़ ब्लॉक के बिहरपुरवा गांव में दोपहर करीब 12 बजे हुई। पुलिस के अनुसार, मजदूर मनरेगा (MNREGA) योजना के तहत बनाए जा रहे सार्वजनिक सिंचाई कुएं की खुदाई में लगे हुए थे, तभी अचानक मिट्टी भरभराकर उन पर गिर गई।पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल के रूप में हुई है।घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। सभी शवों को मिट्टी से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।हादसे की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर उषा परमार मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया।#SampadakExpress #MadhyaPradesh #Panna #WellCollapse #BreakingNews #Accident #MNREGA #Labourers #IndiaNews #RescueOperation #TragicNews
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में कुएं की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से पांच मजदूरों की मौत हो गई।यह घटना अजयगढ़ ब्लॉक के बिहरपुरवा गांव में दोपहर करीब 12 बजे हुई। पुलिस के अनुसार, मजदूर मनरेगा (MNREGA) योजना के तहत बनाए जा रहे सार्वजनिक सिंचाई कुएं की खुदाई में लगे हुए थे, तभी अचानक मिट्टी भरभराकर उन पर गिर गई।पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल के रूप में हुई है।घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। सभी शवों को मिट्टी से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।हादसे की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर उषा परमार मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया।#SampadakExpress #MadhyaPradesh #Panna #WellCollapse #BreakingNews #Accident #MNREGA #Labourers #IndiaNews #RescueOperation #TragicNews
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक के मेकेदातु बांध प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की है। यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब कर्नाटक सरकार इस परियोजना के लिए भूमि पूजन की तैयारी कर रही है।कावेरी जल विवाद के बीच कर्नाटक, रामनगर जिले के कनकपुरा के पास स्थित मेकेदातु क्षेत्र में एक “बैलेंसिंग रिजर्वायर” बनाने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि तमिलनाडु सरकार का कहना है कि यह कदम कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है।मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में कहा कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कावेरी नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित राज्य बिना निचले हिस्से के राज्यों की सहमति के कोई नया बांध या जलाशय नहीं बना सकते। ऐसे में कर्नाटक को मेकेदातु परियोजना के लिए तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।दिल्ली दौरे से पहले विजय का यह कदम दक्षिण भारत की राजनीति और कावेरी जल विवाद को लेकर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।#SampadakExpress #Vijay #PMModi #MekedatuDam #CauveryDispute #TamilNadu #Karnataka #WaterDispute #Politics #IndiaNews #BreakingNews #SupremeCourt #CauveryWater
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक के मेकेदातु बांध प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की है। यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब कर्नाटक सरकार इस परियोजना के लिए भूमि पूजन की तैयारी कर रही है।कावेरी जल विवाद के बीच कर्नाटक, रामनगर जिले के कनकपुरा के पास स्थित मेकेदातु क्षेत्र में एक “बैलेंसिंग रिजर्वायर” बनाने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि तमिलनाडु सरकार का कहना है कि यह कदम कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है।मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में कहा कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कावेरी नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित राज्य बिना निचले हिस्से के राज्यों की सहमति के कोई नया बांध या जलाशय नहीं बना सकते। ऐसे में कर्नाटक को मेकेदातु परियोजना के लिए तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।दिल्ली दौरे से पहले विजय का यह कदम दक्षिण भारत की राजनीति और कावेरी जल विवाद को लेकर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।#SampadakExpress #Vijay #PMModi #MekedatuDam #CauveryDispute #TamilNadu #Karnataka #WaterDispute #Politics #IndiaNews #BreakingNews #SupremeCourt #CauveryWater