#sampadakexpress देश के बैंकिंग रेगुलेटर भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के मकसद से 3-5 साल की मैच्योरिटी वाले नए फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दर की सीमा को 30 सितंबर तक के लिए अस्थायी रूप से हटा लिया. इसने 3 साल और उससे ज़्यादा समय वाले नॉन-रेसिडेंट एक्सटर्नल (NRE) डिपॉजिट पर ब्याज दरों से जुड़ी पाबंदी को भी 30 सितंबर, 2026 तक के लिए अस्थायी रूप से हटा लिया है. इसमें मैच्योरिटी के बाद रिन्यू किए गए डिपॉज़िट भी शामिल हैं. सेंट्रल बैंक ने एक सर्कुलर में कहा कि बैंकों द्वारा जुटाए गए नए FCNR(B) डिपॉजिट (जिनमें मैच्योरिटी पर रिन्यू किए गए डिपॉजिट भी शामिल हैं) पर लागू ब्याज दर की सीमा को — जो तीन साल और उससे ज्यादा — पांच साल तक के समय के लिए है — 17 जून, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक की अवधि के लिए अस्थायी रूप से हटा लिया गया है. यह छूट बुधवार से लागू हो गई. FCNR (B) डिपॉजिट एक टर्म डिपॉजिट अकाउंट है जो नॉन-रेसिडेंट भारतीयों (NRIs) के लिए अपनी विदेशी कमाई को भारत में विदेशी मुद्रा में रखने के लिए होता है. नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि NRE/NRO डिपॉजिट पर ब्याज दरें, बैंक द्वारा इसी तरह के घरेलू रुपया टर्म डिपॉजिट पर दी जाने वाली दरों से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.#RBI #TemporarilyWithdraws #Interest #FCNR #Deposits #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate




