भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रतिष्ठित Military Gender Advocate of the Year Award 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें शांति मिशनों में महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने न्यूयॉर्क में आयोजित समारोह में मेजर अभिलाषा बराक को यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर गुटेरेस ने उन्हें उन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बताया, जिनकी वह सेवा कर रही हैं और जिनके साथ वह कार्य कर रही हैं।वर्तमान में मेजर अभिलाषा बराक संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत लेबनान में तैनात हैं, जिसे दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील शांति मिशन क्षेत्रों में से एक माना जाता है।पुरस्कार प्राप्त करने के बाद मेजर बराक ने कहा, "सपनों का कोई लिंग नहीं होता और न ही नेतृत्व, साहस या मानवता की सेवा करने की इच्छा का कोई लिंग होता है।" उन्होंने कहा कि यह सम्मान इस बात की याद दिलाता है कि स्थायी शांति तभी संभव है जब हर आवाज को सुना जाए और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले।इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र ने डैग हैमरशोल्ड मेडल से दो भारतीय शांति सैनिकों को भी मरणोपरांत सम्मानित किया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में तैनात लांस हवलदार हरभजन सिंह और दक्षिण सूडान में तैनात नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान की ओर से यह सम्मान प्राप्त किया।यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और वैश्विक शांति प्रयासों में भारत के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है।#SampadakExpress #MajorAbhilashaBarak #UnitedNations #UN #MilitaryGenderAdvocateAward #IndianArmy #WomenInUniform #WomenEmpowerment #Peacekeeping #UNPeacekeeping #IndiaPride #IndianWomen #Leadership #BreakingNews #DefenceNews #MilitaryNews #AntonioGuterres #Lebanon #IndianDefence #WomenLeadership #IndiaNews #GlobalRecognition #InspiringWomen #NariShakti





