बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चार उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन सिंह का है, जिन्हें बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। पवन सिंह के साथ-साथ पार्टी ने सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधते हुए तीन अन्य चेहरों डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित पर भी दांव खेला है।पवन सिंह को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने उन्हें घर वापसी का बड़ा इनाम दिया है। उन्होंने पिछला लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि बाद में उनकी बीजेपी में ससम्मान वापसी हुई और अब पार्टी ने उन्हें सीधे उच्च सदन (विधान परिषद) भेजने का फैसला किया है। पवन सिंह को टिकट देकर बीजेपी ने बिहार और पूर्वांचल की भोजपुरी भाषी जनता, विशेषकर युवा वोटर्स को एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने इस सूची के ज़रिए राजपूत, कायस्थ, नाई और प्रजापति समाज को जोड़कर एक मजबूत सामाजिक समीकरण तैयार करने की सफल कोशिश की है। बिहार विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से पवन सिंह और बीजेपी के अन्य उम्मीदवारों का MLC बनना अब पूरी तरह तय माना जा रहा है।#PawanSingh #BJP #BiharPolitics #BiharMLCElection #BhojpuriCinema #PowerStar #BiharNews #SanjayMayukh #BreakingNews #PatnaNews #Purvanchal #SampadakExpress

बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चार उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन सिंह का है, जिन्हें बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। पवन सिंह के साथ-साथ पार्टी ने सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधते हुए तीन अन्य चेहरों डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित पर भी दांव खेला है।पवन सिंह को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने उन्हें घर वापसी का बड़ा इनाम दिया है। उन्होंने पिछला लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि बाद में उनकी बीजेपी में ससम्मान वापसी हुई और अब पार्टी ने उन्हें सीधे उच्च सदन (विधान परिषद) भेजने का फैसला किया है। पवन सिंह को टिकट देकर बीजेपी ने बिहार और पूर्वांचल की भोजपुरी भाषी जनता, विशेषकर युवा वोटर्स को एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने इस सूची के ज़रिए राजपूत, कायस्थ, नाई और प्रजापति समाज को जोड़कर एक मजबूत सामाजिक समीकरण तैयार करने की सफल कोशिश की है। बिहार विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से पवन सिंह और बीजेपी के अन्य उम्मीदवारों का MLC बनना अब पूरी तरह तय माना जा रहा है।#PawanSingh #BJP #BiharPolitics #BiharMLCElection #BhojpuriCinema #PowerStar #BiharNews #SanjayMayukh #BreakingNews #PatnaNews #Purvanchal #SampadakExpress
बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चार उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन सिंह का है, जिन्हें बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। पवन सिंह के साथ-साथ पार्टी ने सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधते हुए तीन अन्य चेहरों डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित पर भी दांव खेला है।पवन सिंह को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने उन्हें घर वापसी का बड़ा इनाम दिया है। उन्होंने पिछला लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि बाद में उनकी बीजेपी में ससम्मान वापसी हुई और अब पार्टी ने उन्हें सीधे उच्च सदन (विधान परिषद) भेजने का फैसला किया है। पवन सिंह को टिकट देकर बीजेपी ने बिहार और पूर्वांचल की भोजपुरी भाषी जनता, विशेषकर युवा वोटर्स को एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने इस सूची के ज़रिए राजपूत, कायस्थ, नाई और प्रजापति समाज को जोड़कर एक मजबूत सामाजिक समीकरण तैयार करने की सफल कोशिश की है। बिहार विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से पवन सिंह और बीजेपी के अन्य उम्मीदवारों का MLC बनना अब पूरी तरह तय माना जा रहा है।#PawanSingh #BJP #BiharPolitics #BiharMLCElection #BhojpuriCinema #PowerStar #BiharNews #SanjayMayukh #BreakingNews #PatnaNews #Purvanchal #SampadakExpress

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मणिपुर के कांगपोकपी (Kangpokpi) जिले में शुक्रवार तड़के अचानक फिर से हिंसा भड़क उठी। न्यू कीथलमैनबी (New Keithelmanbi) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोइबोल (Loibol) गांव पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई घर जलकर राख हो गए।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हमला सुबह करीब 4:10 बजे हुआ। भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने गांव पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे निवासियों में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। गोलीबारी के साथ ही हमलावरों ने गांव में भारी तबाही मचाई और कई घरों को आग के हवाले कर दिया।इस हमले में जान गंवाने वाले तीनों पीड़ितों की पहचान लेतखोंगाम हाओकिप (Letkhongam Haokip), तिनमैरी हाओकिप (Tinmary Haokip) और जांगमिनलाल हाओकिप (Jangminlal Haokip) के रूप में हुई है। हमले के दौरान ही तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे स्थानीय समुदाय में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है।भारी गोलीबारी और आगजनी की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।#SampadakExpress #Manipur #ManipurViolence #Kangpokpi #NortheastIndia #BreakingNews #CurrentAffairs #CrimeNews #IndianNews #ManipurNews #NewKeithelmanbi #SecurityForces
मणिपुर के कांगपोकपी (Kangpokpi) जिले में शुक्रवार तड़के अचानक फिर से हिंसा भड़क उठी। न्यू कीथलमैनबी (New Keithelmanbi) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोइबोल (Loibol) गांव पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई घर जलकर राख हो गए।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हमला सुबह करीब 4:10 बजे हुआ। भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने गांव पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे निवासियों में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। गोलीबारी के साथ ही हमलावरों ने गांव में भारी तबाही मचाई और कई घरों को आग के हवाले कर दिया।इस हमले में जान गंवाने वाले तीनों पीड़ितों की पहचान लेतखोंगाम हाओकिप (Letkhongam Haokip), तिनमैरी हाओकिप (Tinmary Haokip) और जांगमिनलाल हाओकिप (Jangminlal Haokip) के रूप में हुई है। हमले के दौरान ही तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे स्थानीय समुदाय में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है।भारी गोलीबारी और आगजनी की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।#SampadakExpress #Manipur #ManipurViolence #Kangpokpi #NortheastIndia #BreakingNews #CurrentAffairs #CrimeNews #IndianNews #ManipurNews #NewKeithelmanbi #SecurityForces
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की प्रसिद्ध सुरहा ताल (जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित रामसर साइट (Ramsar Site) का दर्जा प्रदान किया गया है। इसके साथ ही सुरहा ताल भारत की 100वीं रामसर आर्द्रभूमि (Wetland) बन गई है।यह उपलब्धि न केवल बलिया और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के बाद सुरहा ताल के संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, पर्यावरणीय संतुलन और पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने रामसर साइट्स के मामले में शतक पूरा कर लिया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बलिया स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल) को भारत की 100वीं रामसर साइट घोषित किया जाना देश की पर्यावरण संरक्षण नीति और वेटलैंड्स के संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।सुरहा ताल अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जानी जाती है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी पक्षी हर वर्ष पहुंचते हैं, जिससे यह पक्षी प्रेमियों, पर्यावरणविदों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है। यह आर्द्रभूमि क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।रामसर साइट का दर्जा मिलने से अब सुरहा ताल को वैश्विक पहचान प्राप्त होगी और इसके संरक्षण व विकास के लिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सहयोग और संसाधन मिलने की संभावना बढ़ेगी।#SampadakExpress #SurhaTal #Ballia #RamsarSite #Wetland #WorldEnvironmentDay #EnvironmentDay #BalliaNews #UttarPradesh #UPNews #JayPrakashNarayanBirdSanctuary #Biodiversity #MigratoryBirds #NatureConservation #EnvironmentalProtection #EcoTourism #India100thRamsarSite #PMModi #BreakingNews #IndiaNews #GreenIndia #WildlifeConservation #NatureNews #BalliaPride
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की प्रसिद्ध सुरहा ताल (जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित रामसर साइट (Ramsar Site) का दर्जा प्रदान किया गया है। इसके साथ ही सुरहा ताल भारत की 100वीं रामसर आर्द्रभूमि (Wetland) बन गई है।यह उपलब्धि न केवल बलिया और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के बाद सुरहा ताल के संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, पर्यावरणीय संतुलन और पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने रामसर साइट्स के मामले में शतक पूरा कर लिया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बलिया स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल) को भारत की 100वीं रामसर साइट घोषित किया जाना देश की पर्यावरण संरक्षण नीति और वेटलैंड्स के संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।सुरहा ताल अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जानी जाती है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी पक्षी हर वर्ष पहुंचते हैं, जिससे यह पक्षी प्रेमियों, पर्यावरणविदों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है। यह आर्द्रभूमि क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।रामसर साइट का दर्जा मिलने से अब सुरहा ताल को वैश्विक पहचान प्राप्त होगी और इसके संरक्षण व विकास के लिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सहयोग और संसाधन मिलने की संभावना बढ़ेगी।#SampadakExpress #SurhaTal #Ballia #RamsarSite #Wetland #WorldEnvironmentDay #EnvironmentDay #BalliaNews #UttarPradesh #UPNews #JayPrakashNarayanBirdSanctuary #Biodiversity #MigratoryBirds #NatureConservation #EnvironmentalProtection #EcoTourism #India100thRamsarSite #PMModi #BreakingNews #IndiaNews #GreenIndia #WildlifeConservation #NatureNews #BalliaPride