राजस्थान हाई कोर्ट ने स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को बड़ा झटका देते हुए नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। हालांकि अदालत ने इस मामले में उसके दो सहयोगियों को बरी कर दिया है।अब आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा।गौरतलब है कि अगस्त 2013 में आसाराम को जोधपुर स्थित उसके आश्रम में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबे ट्रायल के बाद 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की विशेष POCSO अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।मामले में हॉस्टल वार्डन शिल्पी और सेवादार शरत चंद्र को 20-20 साल की कठोर कैद की सजा दी गई थी। तीनों ने निचली अदालत के फैसले को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है।#SampadakExpress #Asaram #RajasthanHighCourt #POCSO #BreakingNews #Jodhpur #CrimeNews #CourtVerdict #IndiaNews #LegalNews #Justice #RapeCase




