#sampadakexpress चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की और कहा-काश जजों की नियुक्ति भी चुनाव आयुक्तों की तरह ही जल्द होती. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की. याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने कहा कि विपक्ष के नेता से प्रभावी परामर्श किए बिना ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति जल्दबाजी में की गई. 2024 में नए कानून के अनुसार चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए एक अर्जी दायर की गई थी. हंसारिया ने दावा किया कि अदालत में अर्जी की सुनवाई से पहले ही केंद्र सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए जल्दबाजी में कदम उठाए.#SupremeCourt #QuestionsEC #AppointmentLaw #UrgesSpeed #JudicialAppointments #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate




