#sampadakexpress बंगाल में जब से विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए हैं. तब से वहां हिंसा की आग भड़क उठी है. हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. 400 से ज्यादा जगहों पर टीएमसी दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मई से अब तक कम से कम एक दर्जन से अधिक स्थानों पर चुनाव से जुड़ी हिंसा हुई. हिंसा के बाद राज्य सरकार ने 10 सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी की घोषणा की है. आसनसोल के गोधुली इलाके में कथित तौर पर TMC के एक दफ्तर में तोड़फोड़ की गई, जबकि हावड़ा के दुमुरजाला में स्थित एक अन्य दफ्तर को भी निशाना बनाया गया. टॉलीगंज, कसबा, बरुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, हावड़ा और बहरामपुर में टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ की सूचना है. बीरभूम (TMC समर्थक), न्यूटाउन (BJP समर्थक) और इसके अलावा दो और अलग-अलग जगहों पर कायर्कताओं की हत्या की खबरें हैं. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई. बीरभूम के नानूर में कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी. #WestBengal #Violence #Deaths #Vandalism #AfterPollResults #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

#sampadakexpress बंगाल में जब से विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए हैं. तब से वहां हिंसा की आग भड़क उठी है. हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. 400 से ज्यादा जगहों पर टीएमसी दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मई से अब तक कम से कम एक दर्जन से अधिक स्थानों पर चुनाव से जुड़ी हिंसा हुई. हिंसा के बाद राज्य सरकार ने 10 सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी की घोषणा की है. आसनसोल के गोधुली इलाके में कथित तौर पर TMC के एक दफ्तर में तोड़फोड़ की गई, जबकि हावड़ा के दुमुरजाला में स्थित एक अन्य दफ्तर को भी निशाना बनाया गया. टॉलीगंज, कसबा, बरुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, हावड़ा और बहरामपुर में टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ की सूचना है. बीरभूम (TMC समर्थक), न्यूटाउन (BJP समर्थक) और इसके अलावा दो और अलग-अलग जगहों पर कायर्कताओं की हत्या की खबरें हैं. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई. बीरभूम के नानूर में कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी. #WestBengal #Violence #Deaths #Vandalism #AfterPollResults #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress बंगाल में जब से विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए हैं. तब से वहां हिंसा की आग भड़क उठी है. हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. 400 से ज्यादा जगहों पर टीएमसी दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मई से अब तक कम से कम एक दर्जन से अधिक स्थानों पर चुनाव से जुड़ी हिंसा हुई. हिंसा के बाद राज्य सरकार ने 10 सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी की घोषणा की है. आसनसोल के गोधुली इलाके में कथित तौर पर TMC के एक दफ्तर में तोड़फोड़ की गई, जबकि हावड़ा के दुमुरजाला में स्थित एक अन्य दफ्तर को भी निशाना बनाया गया. टॉलीगंज, कसबा, बरुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, हावड़ा और बहरामपुर में टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ की सूचना है. बीरभूम (TMC समर्थक), न्यूटाउन (BJP समर्थक) और इसके अलावा दो और अलग-अलग जगहों पर कायर्कताओं की हत्या की खबरें हैं. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई. बीरभूम के नानूर में कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी. #WestBengal #Violence #Deaths #Vandalism #AfterPollResults  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img
Previous article
Next article
#sampadakexpress पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों का असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है. बीजेपी की जीत ने न सिर्फ ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल कर दिया है, बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को झटका दिया है. यूपी में विधानसभा चुनाव का ऐलान दिसंबर में हो सकता है. उससे पहले अखिलेश ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. सपा ने IPAC के साथ अपना नाता तोड़ लिया है और दूसरी एजेंसी को काम सौंपा है. आपको इस नई एजेंसी के बारे में भी बताएंगे और ये भी बताएंगे कि IPAC से सपा का नाता टूटने की कहानी क्या है? दरअसल, अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव ‘करो या मरो’ जैसा है. इस चुनाव में जीत के लिए सपा ने मशहूर चुनावी रणनीतिकार संस्था Indian Political Action Committee (IPAC) को सर्वे और सोशल मीडिया का काम दिया था. IPAC ने ही 2021 में तमिलनाडु में डीएमके और पश्चिम बंगाल में टीएमसी की जीत की रणनीति बनाई थी. बताया जाता है कि ममता बनर्जी के कहने पर अखिलेश ने IPAC को काम दिया था, लेकिन दोनों प्रदेशों में हार के बाद अखिलेश ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का फैसला कर लिया है. #AkhileshYadav #scrapscontract #IPAC #EDraids #westBengalpolls  #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate
#sampadakexpress पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों का असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है. बीजेपी की जीत ने न सिर्फ ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल कर दिया है, बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को झटका दिया है. यूपी में विधानसभा चुनाव का ऐलान दिसंबर में हो सकता है. उससे पहले अखिलेश ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. सपा ने IPAC के साथ अपना नाता तोड़ लिया है और दूसरी एजेंसी को काम सौंपा है. आपको इस नई एजेंसी के बारे में भी बताएंगे और ये भी बताएंगे कि IPAC से सपा का नाता टूटने की कहानी क्या है? दरअसल, अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव ‘करो या मरो’ जैसा है. इस चुनाव में जीत के लिए सपा ने मशहूर चुनावी रणनीतिकार संस्था Indian Political Action Committee (IPAC) को सर्वे और सोशल मीडिया का काम दिया था. IPAC ने ही 2021 में तमिलनाडु में डीएमके और पश्चिम बंगाल में टीएमसी की जीत की रणनीति बनाई थी. बताया जाता है कि ममता बनर्जी के कहने पर अखिलेश ने IPAC को काम दिया था, लेकिन दोनों प्रदेशों में हार के बाद अखिलेश ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का फैसला कर लिया है. #AkhileshYadav #scrapscontract #IPAC #EDraids #westBengalpolls #newsfeed2025 #newstoday2025 #NewsUpdate