अमेरिका-ईरान तनाव से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लगा बड़ा झटका: शहबाज़ शरीफ़

ने बुधवार को कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध ने पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान की आर्थिक प्रगति को गंभीर झटका दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयास जारी रखेगी।कैबिनेट बैठक के दौरान बोलते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने बताया कि संघर्ष से पहले पाकिस्तान का तेल आयात बिल जहां 300 मिलियन डॉलर था, वह बढ़कर 800 मिलियन डॉलर हो गया है, जिससे अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सप्ताह में पेट्रोलियम खपत में पिछले सप्ताह की तुलना में कमी दर्ज की गई है।
ने बुधवार को कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध ने पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान की आर्थिक प्रगति को गंभीर झटका दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयास जारी रखेगी।कैबिनेट बैठक के दौरान बोलते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने बताया कि संघर्ष से पहले पाकिस्तान का तेल आयात बिल जहां 300 मिलियन डॉलर था, वह बढ़कर 800 मिलियन डॉलर हो गया है, जिससे अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सप्ताह में पेट्रोलियम खपत में पिछले सप्ताह की तुलना में कमी दर्ज की गई है।#SampadakExpress #BreakingNews #Pakistan #IranWar #Economy #GlobalNews #OilCrisis #TrendingNow #WorldNews #Geopolitics

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कमर्शियल ही नहीं, 5 किलो वाला ‘छोटू’ सिलेंडर भी हुआ महंगा, 261 रुपए की बढ़ोतरीदेश में महंगाई का दबाव एक बार फिर आम लोगों की जेब पर असर डालता नजर आ रहा है। अब सिर्फ कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं, बल्कि घरेलू उपयोग में आने वाला 5 किलो का छोटा सिलेंडर, जिसे आमतौर पर ‘छोटू’ सिलेंडर कहा जाता है, वह भी महंगा हो गया है। हालिया बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत में ₹261 तक का इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे निम्न आय वर्ग और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।5 किलो वाला सिलेंडर अक्सर छोटे परिवारों, किरायेदारों, स्ट्रीट वेंडर्स और अस्थायी कामगारों के बीच काफी लोकप्रिय है, क्योंकि यह सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जाता रहा है। लेकिन कीमत बढ़ने के बाद अब यह विकल्प भी पहले जैसा किफायती नहीं रह गया है। खासतौर पर छोटे खाने-पीने के ठेले, चाय की दुकानों और घरेलू उपयोग करने वाले लोग इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण हो सकते हैं। हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए यह सिर्फ एक और आर्थिक बोझ बनकर सामने आया है।सरकार की ओर से फिलहाल इस बढ़ोतरी को लेकर कोई राहत या सब्सिडी संबंधी नई घोषणा सामने नहीं आई है, जिससे उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ रही है। आने वाले दिनों में यदि कीमतों में और इजाफा होता है, तो इसका असर घरेलू बजट के साथ-साथ छोटे व्यापारियों की लागत पर भी पड़ेगा।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आने वाले समय में रसोई गैस की कीमतों को स्थिर रखने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे या आम जनता को महंगाई का यह बोझ लगातार झेलना पड़ेगा।#SampadakExpress #LPGPriceHike #GasCylinderPrice #Inflation #IndiaNews #BreakingNews #CommonMan #CostOfLiving #TrendingNow #EconomicNews
कमर्शियल ही नहीं, 5 किलो वाला ‘छोटू’ सिलेंडर भी हुआ महंगा, 261 रुपए की बढ़ोतरीदेश में महंगाई का दबाव एक बार फिर आम लोगों की जेब पर असर डालता नजर आ रहा है। अब सिर्फ कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं, बल्कि घरेलू उपयोग में आने वाला 5 किलो का छोटा सिलेंडर, जिसे आमतौर पर ‘छोटू’ सिलेंडर कहा जाता है, वह भी महंगा हो गया है। हालिया बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत में ₹261 तक का इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे निम्न आय वर्ग और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।5 किलो वाला सिलेंडर अक्सर छोटे परिवारों, किरायेदारों, स्ट्रीट वेंडर्स और अस्थायी कामगारों के बीच काफी लोकप्रिय है, क्योंकि यह सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जाता रहा है। लेकिन कीमत बढ़ने के बाद अब यह विकल्प भी पहले जैसा किफायती नहीं रह गया है। खासतौर पर छोटे खाने-पीने के ठेले, चाय की दुकानों और घरेलू उपयोग करने वाले लोग इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण हो सकते हैं। हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए यह सिर्फ एक और आर्थिक बोझ बनकर सामने आया है।सरकार की ओर से फिलहाल इस बढ़ोतरी को लेकर कोई राहत या सब्सिडी संबंधी नई घोषणा सामने नहीं आई है, जिससे उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ रही है। आने वाले दिनों में यदि कीमतों में और इजाफा होता है, तो इसका असर घरेलू बजट के साथ-साथ छोटे व्यापारियों की लागत पर भी पड़ेगा।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आने वाले समय में रसोई गैस की कीमतों को स्थिर रखने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे या आम जनता को महंगाई का यह बोझ लगातार झेलना पड़ेगा।#SampadakExpress #LPGPriceHike #GasCylinderPrice #Inflation #IndiaNews #BreakingNews #CommonMan #CostOfLiving #TrendingNow #EconomicNews