ने बुधवार को कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध ने पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान की आर्थिक प्रगति को गंभीर झटका दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयास जारी रखेगी।कैबिनेट बैठक के दौरान बोलते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने बताया कि संघर्ष से पहले पाकिस्तान का तेल आयात बिल जहां 300 मिलियन डॉलर था, वह बढ़कर 800 मिलियन डॉलर हो गया है, जिससे अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सप्ताह में पेट्रोलियम खपत में पिछले सप्ताह की तुलना में कमी दर्ज की गई है।





